मिशन ऑस्ट्रेलिया कैसे हो फतह? गुरु आमरे ने रहाणे को दिया था फिल्म लक्ष्य वाला 'ज्ञान'

गौरव गुप्ता, मुंबईविराट कोहली की गैरमौजूदगी में कप्तानी कर रहे अजिंक्य रहाणे ने मेलबर्न में ऐतिहासिक शतक लगाते हुए टीम इंडिया को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। मेलबर्न में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के पहले दिन से ही रहाणे की कप्तानी की तारीफ तो हो ही रही थी दूसरे दिन जिस अंदाज में उन्होंने शतक जड़ा उसके बाद लोग उनकी और भी तारीफ कर रहे हैं। रहाणे के बचपन के कोच प्रवीण आमरे ने अपने शिष्य की खूब सराहना की है। उन्होंने यह भी बताया कि जब रहाणे को कप्तानी मिली तो उनसे क्या बात हुई थी। प्रवीण ने बताया, जब अजिंक्य को कप्तानी मिली तो मैंने उनसे कहा कि उन्हें फिल्म 'लक्ष्य' के उस सैनिक की तरह सोचना है। सिपाही के खिलाफ अपशकुन थे और उनकी तरह उसे भी वह लड़ाई जीतनी थी। दुश्मन कारगिल की चोटियों पर कब्जा कर रहा था, और उसे उन चोटियों पर चढ़ना था, लड़ना था और चोटी को वापस अपने कब्जे में करना था। वह सैनिक एक मिशन पर अपनी टीम का नेतृत्व कर रहा था।’ आमरे ने आगे कहा- भारत पिछले कुछ 25-30 वर्षों में टेस्ट क्रिकेट में शायद सबसे कठिन चुनौती का सामना कर रहा था। आमरे कहते हैं, 'कप्तानी की कमान संभालने के लिए यह सबसे खराब स्थिति थी। टीम को 36 रनों पर आउट किया गया (भारत का अब तक का सबसे कम स्कोर)। हम तीन दिनों के भीतर पिट गए थे और बुरी स्थिति में थे।' प्रवीण आमरे कहते हैं- लगभग सभी ने हमें इस सीरीज में 4-0 से हार की भविष्यवाणी किया था। चीजों को बदतर बनाने के लिए हमारे 'रनमशीन ’और नियमित कप्तान विराट कोहली वहां नहीं थे और 'अज्जू’ ने पिछले दो वर्षों से टीम की कप्तानी नहीं की थी। ऐसे में मैं बहुत खुश हूं कि उन्होंने अग्नि परीक्षा दी और अभी तक पास भी होते दिख रहे हैं। पढ़ें- उल्लेखनीय है कि अजिंक्य रहाणे ने मेलबर्न क्रिकेट मैदान पर टेस्ट करियर का 12वां शतक जड़ा। उनकी 112 रनों की पारी की बदौलत ही भारतीय टीम 115.1 ओवरों में 326 रन पर तक पहुंच सकी।


from Sports News in Hindi: Latest Hindi News on Cricket, Football, Tennis, Hockey & more | Navbharat Times https://ift.tt/2KXgUR2

No comments

Powered by Blogger.