ऐतिहासिक जीत के बाद रोहित शर्मा ने बताया, वेस्टइंडीज को कब और कैसे फंसाया

अहमदाबाद: भारतीय कप्तान (Rohit Sharma) ने शुक्रवार को कहा कि उनकी टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज () से जो चाहती थी, उसने वह हासिल किया। भारत ने वेस्टइंडीज को तीसरे वनडे में 96 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया। रोहित की वनडे कप्तान के रूप में यह पहली सीरीज थी। मेजबान टीम ने पहले बैटिंग करते हुए 265 रन बनाए थे। जवाब में विंडीज टीम के बल्लेबाज एक बार फिर भारतीय गेंदबाजों का टिककर सामना नहीं कर सके और पूरी पारी 37.1 ओवरों में 169 रनों पर ढह गई। रोहित ने मैच के बाद कहा, ‘हमने इस सीरीज में बहुत सी चीजों को जांचा परखा। हम इस सीरीज से जो कुछ भी चाहते थे, उसे हमने हासिल किया।’ के कप्तानी दौर के समाप्त होने के बाद भारतीय क्रिकेट में हाल में कुछ हलचल देखने को मिली और इस संदर्भ में रोहित से ड्रेसिंग रूम के माहौल के बारे में पूछा गया। उन्होंने कहा, ‘जब तक हम खेल रहे हैं बातें होती रहेंगी। हम जानते हैं कि हम भारत में उच्च स्तर का खेल खेल रहे हैं और लोगों की निगाहें हम पर हैं। खिलाड़ी और व्यक्तिगत रूप से हम जानते हैं कि हमें किस चीज पर ध्यान केंद्रित करना है।’ रोहित ने कहा, ‘बाहर क्या बातें हो रही हैं इसका ड्रेसिंग रूम के माहौल पर असर नहीं पड़ता। हमसे जो उम्मीद की जा रही है, हम वैसा प्रदर्शन करते हैं तो यह महत्वपूर्ण है।’ उन्होंने तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा की फिर से प्रशंसा की जिन्होंने तीन विकेट लिए और जिन्हें तीन मैचों में नौ विकेट लेने के लिए सीरीज का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। रोहित ने कहा, ‘हम चाहते थे कि गेंदबाज पिच से उछाल हासिल करें। हमारे पास ऐसा गेंदबाज है जो उस लेंथ से गेंदबाजी करके बल्लेबाजों को परेशान कर सकता है। हमारे तेज गेंदबाजों का प्रदर्शन अच्छा रहा। यहां तक कि सिराज ने जिस तरह से गेंदबाजी की उससे मैं प्रभावित था। शार्दुल, दीपक को भी मौके मिले।’ स्पिनर कुलदीप यादव की सफल वापसी के बारे में कप्तान ने कहा, ‘कुलदीप और चहल दोनों हमारे लिए महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं। उन्होंने एक समूह के रूप में अच्छा प्रदर्शन किया है।’ भारत को खराब शुरुआत से उबारने वाले मध्यक्रम के बल्लेबाजों के बारे में रोहित ने कहा, ‘शीर्ष क्रम नहीं चल रहा है, ऐसे में यह देखकर अच्छा लगा कि मध्यक्रम ने हमें संकट से उबारा। आज उन्होंने हमें सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। यह सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू था।’ वेस्टइंडीज के कप्तान निकोलस पूरण ने स्वीकार किया कि उनकी टीम को इस प्रारूप में काफी सुधार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘हमने सीरीज में जिस तरह की गेंदबाजी की वह शानदार थी, लेकिन हमें गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों पर काम करने की जरूरत है। विशेषकर इस सीरीज में हमारी बल्लेबाजी अच्छी नहीं रही। हम छोटे प्रारूप में बेहतर हैं लेकिन हमें इस लंबे प्रारूप में काम करने की आवश्यकता है।’


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