विवेक कृष्णन, चेन्नैमहामारी कोरोना वायरस की वैक्सीन आने के बाद से ही स्टेडियमों में दर्शकों को एंट्री दिए जाने को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज का पहला टेस्ट 5 फरवरी से चेन्नै में खेला जाएगा। इस मैच में तो दर्शकों को एंट्री नहीं मिलेगी, लेकिन एमए चिदंबरम स्टेडियम में 13 से 17 फरवरी तक खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट को देखने के लिए 50% (स्टेडियम की क्षमता का) प्रशंसकों को स्टेडियम में प्रवेश करने और बैठने की अनुमति है। इस बारे में तमिलनाडु क्रिकेट असोसिएशन (TNCA) को सोमवार को BCCI की ओर से जानकारी दी गई है। टीएनसीए के सेक्रेटरी आरएस रामासामी ने सोमवार को बताया, 'बीसीसीआई ने कहा कि प्रशंसकों को दूसरे टेस्ट के लिए अनुमति दी जा सकती है। हम अभी आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा कर रहे हैं। पहला टेस्ट बंद दरवाजों के पीछे खेला जाएगा। पहले टेस्ट की व्यवस्था करने में बहुत देर हो गई।' पढ़ें- तमिलनाडु सरकार ने स्टेडियमों में 50% भीड़ प्रवेश की अनुमति के संशोधित दिशानिर्देशों के बाद दर्शकों के लिए दरवाजा खोलने का फैसला किया है। बता दें कि पहले कहा गया था कि प्रशंसकों को पहले दो टेस्ट के लिए अनुमति नहीं दी जाएगी। I, J और K स्टैंड को पिछले साल मंजूरी मिलने के बाद एक बार फिर से दर्शकों के लिए चेपक की कुल क्षमता लगभग 38,000 हो गई है। पढ़ें- रामासामी के अनुसार, लगभग 12,000-15,000 टिकट बिक्री पर जाने की उम्मीद की जा सकती है। पविलियन और उसकी के स्टैंड में सीटें नहीं लगाई जाएंगी, क्योंकि यह खिलाड़ियों के ड्रेसिंग के करीब है। रामासामी ने इस बारे में कहा, 'हम पविलियन और छत पर फैंस नहीं बैठेंगे, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी खिलाड़ियों के क्षेत्र के करीब न आए।'
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