Monday, June 22, 2020

तो सचिन तेंडुलकर ने इस वजह से छोड़ी थी कप्तानी

नई दिल्ली सचिन तेंडुलकर को दुनिया में महानतम बल्लेबाजों में गिना जाता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन और शतक बनाने का रेकॉर्ड तेंडुलकर के ही नाम है। उन्हें भारत का सबसे बड़ा मैच-विनर भी कहा जाता है। दुनिया के हर गेंदबाजी आक्रमण के सामने सचिन ने खुलकर रन बनाए। सचिन का बल्लेबाजी रेकॉर्ड शानदार रहा लेकिन यह बात उनकी कप्तानी के बारे में नहीं कही जा सकती। सचिन ने 1996 से 2000 के बीच भारतीय टीम की कप्तानी की। इस बीच उन्होंने महसूस किया कि कप्तानी का असर उनकी बल्लेबाजी पर पड़ रहा है। हाल ही में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य चयनकर्ता ने उस वक्त को याद किया जब ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद सचिन ने चयनकर्ताओं को बताया था कि अब वह कप्तानी नहीं करना चाहते क्योंकि इसका असर उनकी बल्लेबाजी को फायदा नहीं हो रहा है। बोर्डे ने कहा कि उन्होंने सचिन को कप्तान बने रहने के लिए राजी करने की कोशिश की, लेकिन सचिन इरादा कर चुके थे। बोर्डे ने स्पोर्ट्सकीड़ा से कहा, 'देखिए, अगर आपको याद हो तो हमने सचिन को कप्तान बनाकर ऑस्ट्रेलिया भेजा था और उन्होंने वहां से वापस आने के बाद कहा कि वह अब कप्तान नहीं रहना चाहते। उन्होंने कहा, 'पहली बात, मैं अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।' इसलिए, मैंने उन्हें लंबे समय तक कप्तान बने रहने के लिए राजी करने का प्रयास किा क्योंकि हम नए कप्तान की तलाश कर रहे थे, एक पीढ़ी के कप्तान की।' बोर्डे ने यह भी खुलासा किया कि कुछ साथियों ने उनकी इस बात के लिए आलोचना भी की कि वह सचिन को कप्तान बने रहने के लिए राजी क्यों करना चाहते हैं। हालांकि, बोर्डे ने बताया, 'इसके बाद सौरभ गांगुली को टीम को नई दिशा में ले जाने के लिए कप्तान नियुक्त किया गया।' साल 2000 की शुरुआत में मैच-फिक्सिंग कांड के बाद टीम की स्थिति बहुत खराब थी लेकिन गांगुली ने टीम को कामयाबी के नए मुकाम तक पहुंचाया। बोर्डे ने कहा, 'सचिन ने कहा कि वह अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान देना चाहते हैं क्योंकि मैं टीम के लिए वह प्रदर्शन नहीं कर पा रहा हूं जो करना चाहता हूं।' दरअसल, मेरे कुछ साथी मुझसे नाराज थे। उन्होंने कहा, 'तुम क्यों हर वक्त उस पर (सचिन) कप्तान बने रहने के लिए जोर डालते हो! मैंने कहा कि हम भविष्य की ओर देख रहे हैं, लेकिन तब, आखिर में हमने गांगुली को चुना।' सचिन ने 73 वनडे इंटरनैशनल मैचों में भारत की कप्तानी की जिसमें से भारत ने 23 मैच जीते और 43 हारे। वहीं 25 टेस्ट मैचों में से भारत ने चार जीते और नौ मैच हारे।


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