दोहा में आठवें स्थान पर रहीं भारत की शीर्ष महिला खिलाड़ी ने खेल में महिलाओं को बराबरी का मौका देने की मांग की है। अन्नू ने कहा कि वे भी अच्छा प्रदर्शन कर सकती हैं और देश को गौरवान्वित कर सकती हैं। अन्नू वर्ल्ड ऐथलेटिक्स चैंपियनशिप की भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल्स के लिए क्वॉलिफाइ करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं लेकिन मंगलवार को यहां आठवें स्थान पर रहीं। सोमवार को क्वॉलिफाइंग में 62.43 मीटर के प्रयास के साथ अपना ही राष्ट्रीय रेकॉर्ड तोड़ने वाली अन्नू फाइनल्स में मंगलवार को 61.12 मीटर का ही सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर सकीं। मेरठ के बादल गांव की रहने वाली अन्नू ने अपनी स्पर्धा के बाद कहा, ‘मुझे काफी सपॉर्ट मिला और उनका आभार व्यक्त करना चाहती हूं। मैं कहना चाहती हूं कि महिलाओं को भी बराबरी के मौके मिलने चाहिए (खेल में) और लोगों को उन पर भरोसा करना चाहिए। वे भी अच्छा प्रदर्शन कर सकती हैं और काफी अच्छे नतीजे दे सकती हैं।’ पढ़ें, उन्होंने कहा, ‘यह मेरी दूसरी वर्ल्ड चैंपियनशिप है और मैं फाइनल में जगह बनाने और फिर आठवां स्थान हासिल कर अच्छा महसूस कर रही हूं। फाइनल में अपने क्वॉलिफिकेशन दौर के प्रदर्शन से बेहतर नहीं कर पाई लेकिन मैं आठवें स्थान से खुश हूं। भविष्य में मैं बेहतर प्रदर्शन करूंगी।’ अन्नू 2018 एशियाई खेलों में 53.93 मीटर के निराशाजनक प्रदर्शन के साथ छठे स्थान पर रहीं थीं और उन्होंने कहा कि करियर के इस मुश्किल लम्हें से बाहर निकलने के लिए उन्हें काउंसलिंग और प्रेरणादायी विडियो देखने की जरूरत पड़ी थी। उन्होंने कहा, ‘2018 एशियाई खेलों के बाद मैं मानसिक रूप से निराश थी। इसके बाद वापसी करने में मुझे समय लगा। मैंने खुद को प्रेरित किया और इसी के कारण आज मैं यहां हूं।’ पढ़ें, 27 साल की अन्नू ने कहा, ‘हां, मुझे खुद को प्रेरित करने की जरूरत (काउंसलिंग जैसी चीजों से) पड़ी, मैंने यूट्यूब पर प्रेरणादायी विडियो देखे। 2018 की निराशा के बाद के अन्नूभव से मैंने काफी चीजें सीखी। अब मैं मानसिक रूप से मजबूत महसूस कर रही हूं।’
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