अरानी बसु, नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड () ने टीम इंडिया के खिलाड़ियों को वेस्ट इंडीज दौरे पर फैमिली क्लॉज में थोड़ी राहत दी थी। हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक, जुलाई में वर्ल्ड कप खत्म होने के बाद खिलाड़ियों को पूरे वेस्ट इंडीज दौरे पर परिवार को साथ रखने की इजाजत दी गई थी। बीसीसीआई के एक सूत्र ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, 'हमने महसूस किया कि खिलाड़ी वर्ल्ड कप के दौरान एक तनाव भरे वक्त से गुजरे। इसके फौरन बाद वेस्ट इंडीज का दौरा शुरू हो गया। ऐसे में खिलाड़ियों को परिवार को साथ रखने की इजाजत देना जरूरी था। वेस्ट इंडीज दौरे के फौरन बाद लंबा और व्यस्त घरेलू सीजन शुरू हो रहा है और देश में परिवार के साथ सफर करना थोड़ा मुश्किल होता है।' पढ़ें, बीसीसीआई ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त की गई प्रशासकों की समिति (सीओए), मुख्य कोच और कप्तान के साथ मिलकर नियम बनाया था जिसमें खिलाड़ी विदेशी दौरे पर एक निश्चित समय तक ही परिवार को साथ रख सकते हैं। इस नियम के मुताबिक, लंबे दौरे पर परिवार शुरुआती 20 दिनों में टीम के साथ नहीं रह सकता और वह पूरे दौरे पर वह कुल मिलाकर अधिक से अधिक 21 दिन ही साथ रह सकता है। टीम के एक सीनियर सदस्य ने वर्ल्ड कप की शुरुआत से ही परिवार को साथ रखने की इजाजत मांगी थी जिसे सीओए ने नकार दिया था लेकिन इसके बावजूद उसने इस नियम की अवहेलना की थी। वेस्ट इंडीज दौरे पर ज्यादातर खिलाड़ियों का परिवार उनके साथ नहीं था। कप्तान की पत्नी अनुष्का शर्मा हालांकि लगभग पूरे दौरे पर उनके साथ रहीं। कोहली ने इस बात को छुपाया भी नहीं और वह लगातार सोशल मीडिया पर परिवार की तस्वीरें साझा करते रहे। एक अधिकारी ने कहा, 'यह नियम सबके लिए था। वेस्ट इंडीज में तीनों प्रारूपों के लिए अलग टीमें चुनी गई थीं। कुछ ही खिलाड़ी थे जो तीनों प्रारूपों का हिस्सा थे। विराट उनमें से एक थे। विराट एक प्रफेशनल इंसान हैं। वह टीम के लिए बनाए गए नियमों को नहीं तोड़ते हैं और हां, उनकी पत्नी का निजी यात्रा कार्यक्रम भी था।'
from Sports News in Hindi: Latest Hindi News on Cricket, Football, Tennis, Hockey & more | Navbharat Times https://ift.tt/2Q7V6nV
No comments:
Post a Comment