नई दिल्ली खेल जगत के लिए रविवार का दिन बेहद खास था। बैडमिंटन हो या फिर क्रिकेट का मैदान। रविवार को यहां जो भी होता दिख रहा था वह हैरतअंगेज और किसी क्लासिक ड्रीम स्टोरी से कम नहीं था। सबसे पहले भारत की बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने वर्ल्ड चैंपियनशिप्स का खिताब अपने नाम किया। इसके बाद खेल फैन्स को रोमांचित करने के लिए का क्लासिक शो शुरू हो गया। इंग्लैंड को वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले स्टोक्स ने रविवार को लीड्स के मैदान में हैरतअंगेज पारी खेलकर इंग्लैंड को न सिर्फ हार के मुंह से बाहर निकाला बल्कि एशेज सीरीज को भी 1-1 की बराबरी पर ला दिया। रविवार की कहानी यहीं नहीं रुकी। भारतीय समयानुसार देर रात भारत ने वेस्ट इंडीज की पारी को मात्र 100 रन समेट कर टेस्ट चैंपियनशिप के अपने पहले मैच में 318 रन से जीत दर्ज की। विदेशी धरती पर रनों के मामले में यह भारत की सबसे बड़ी जीत है। लेकिन बात यहां बेन स्टोक्स की होनी चाहिए कि आखिर उन्होंने इस ऐतिहासिक पारी से पहले ऐसा क्या खा लिया, जिससे उन्हें इतनी ऊर्जा मिल गई कि उन्होंने हारी हुई बाजी को किसी फिल्मी अंदाज में जीत में बदल दिया। पढ़ें: जो स्टोक्स ने खाया वह विराट तो नहीं खा सकते स्टोक्स ने इस ऐतिहासिक लम्हे से पहले जो खाया उसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे। टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली तो शायद सपने में यह नहीं खाएंगे जो स्टोक्स ने इस पारी को खेलने से पहले वाली रात को खाया। जी हां! इंग्लैंड की ऐतिहासिक जीत के बाद स्टोक्स से जब यह सवाल पूछा गया था यह सुनकर क्रिकेट खिलाड़ियों को ही नहीं इंग्लैंड टीम के डायटिशन भी हैरत में रह गए होंगे। क्रिकेटर इन दिनों फिटनेस के प्रति कुछ ज्यादा ही सावधान रहते हैं और वे फ्राइड और हाई कैलोरी फूड खाने से दूर ही रहते हैं। ...तो फ्राइड चिकन और चॉकलेट उड़ा रहे थे स्टोक्स लेकिन स्टोक्स ने शनिवार की रात फ्राइड चिकन और चॉकलेट ही उड़ाई। स्टोक्स ने कहा, 'बीती रात मैंने नॉक-ऑफ नैंडोस (फ्राइड चिकन) और यॉर्की बिस्कुट के दो (चॉकलेट) बार और कुछ किशमिश खाए थे। सुबह उट कर एक-दो कॉफी पी ली।' इसके बाद मैदान पर उतरकर स्टोक्स ने जो कमाल किया वह अब इतिहास है। बस दिमाग में था एशेज अपनी शानदार पारी पर स्टोक्स ने कहा, 'पारी के दौरान मैं बस इतना जानता था कि अगर आज हार गए तो हमारे हाथ से एशेज चला जाएगा।' स्टोक्स के बल्ले से कमाल की बल्लेबाजी तब निकली, जब इंग्लैंड के पास एकमात्र विकेट बचा था और हार को जीत में बदलने के लिए उसे 73 रन की दरकार थी। इंग्लैंड के इस उपकप्तान ने कहा, 'जब 11वें नंबर का बल्लेबाज क्रीज पर आया तो हमें 70 (73) रन की दरकार थी। मैं जानता था कि इस प्रकार के खेल में अब मेरे लिए क्या बचा था।' जैक लीच का साथ और बन गई बात स्टोक्स ने जैक लीच से बस साथ मांगा और बाकी का सारा काम उन्होंने अपने जिम्मे ले लिया। जैक लीच ने धैर्य बनाए रखा और जब भी वह क्रीज पर आते तो आराम से गेंद को रक्षात्मक अंदाज में खेलकर स्टोक्स और इंग्लैंड को राहत देते रहे। स्टोक्स ने नाबाद 135 रन की पारी खेलकर इंग्लैंड को इस मैच में जीत और सीरीज में 1-1 की बराबरी पर ला दिया। अंतिम विकेट के लिए उन्होंने 76 रन की साझेदारी निभाई।
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