साउथैम्टन अफगानिस्तान के कप्तान ने कहा कि वह शनिवार को भारत के खिलाफ मिली करीबी हार से निराश तो हैं लेकिन दिल नहीं हारे नहीं हैं। उन्होंने साउथैम्टन में हुए मैच के बाद पत्रकारों से कहा, 'हम दुखी हैं क्योंकि हमारे पास इतनी बड़ी टीम को हराने कमा मौका था। विश्व कप में किसी भी टीम के लिए यह बड़ा मौका होता। लेकिन बड़ी टीमें आपको एक भी मौका नहीं देतीं। आज हमने भारत, जो दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में शुमार है, के खिलाफ जीत का मौका गंवा दिया।' वर्ल्ड कप में लगातार छह मैच हारने के बाद अफगानिस्तान की टीम पॉइंट्स टेबल में सबसे निचले पायदान पर है। लेकिन टीम हर मैच के बाद आत्मविश्वास में इजाफा हो रहा है। खास तौर पर टीम की बल्लेबाजी में काफी सुधार देखा जा रहा है। शनिवार को टीम के लिए ऑलराउंडर मोहम्मद नबी ने अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने गेंदबाजी में दो विकेट लिए फिर 52 रनों की पारी खेली। वह आखिरी ओवर में आउट हुए। जब तक वह क्रीज पर रहे उनकी टीम को जीत की उम्मीद थी। नैब ने कहा, 'आज नबी ने अपना हुनर दिखाया, वह अफगानिस्तान और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शुमार हैं। नबी ने बहुत अच्छा खेला वह योजना के अनुसार खेले।' नैब ने कहा, 'असल में हमारी योजना मैच को आखिरी पांच ओवरों तक लेकर जानी की। तो नबी ने प्लान के हिसाब से ही बल्लेबाजी की।' नैब ने कहा, 'हम शुरुआती चार मैचों में बुरी तरह हारे फिर हम इंग्लैंड और अब भारत के खिलाफ खेले। ये दोनों टीमें काफी मजबूत हैं और इन्हें विश्व कप जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। इन टीमों के खिलाफ हमारा प्रदर्शन बेहतर रहा। तो मुझे लग रहा है कि हम दिन ब दिन बेहतर हो रहे हैं।' नैब को बस एक ही बात का मलाल है कि भारत को कम स्कोर पर रोकने के बाद भी उनके बल्लेबाज वह लक्ष्य हासिल नहीं कर पाए। उन्होंने कहा, 'जब हम तरह का स्कोर 220, 250 का पीछा कर रहे हों तो मध्यक्रम के हमारे बल्लेबाजों में से एक यादो को 50 या 80 का स्कोर बनाना होगा। 20-30 रनों की पारी से काम नहीं चलेगा।' उन्होंने कहा कि लक्ष्य का पीछा किया जा सकता था बशर्ते हम खास तौर पर हमारे बल्लेबाज जिम्मेदारी के साथ खेलें।
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