मुझसे बेहतर बोलर थे गोयल, मैं लकी रहा: बिशन सिंह बेदी

नई दिल्ली भारतीय घरेलू क्रिकेट में विकेट्स और रेकॉर्ड्स की झड़ी लगाने वाले पूर्व दिग्गज राजिंदर गोयल (Rajinder Goel died) का रविवार को निधन हो गया। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान बिशन सिंह बेदी (Bishan Singh Bedi) ने गोयल के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वह भारत के महान स्पिनर थे, जिन्हें टीम इंडिया के लिए कभी चांस नहीं मिला। बेदी ने कहा, ' के असमय निधन की खबर सुनकर मैं बहुत दुखी हूं। उन्होंने मुझे कभी नहीं बताया कि वह कैंसर से लड़ रहे थे औ बहुत दर्द में थे। लेकिन वह ऐसे ही इनसान थे, जो कभी भी किसी भी चीज की शिकायत नहीं करते थे।' बेदी ने बताया, 'मैंने लॉकडाउन से पहले गोयल से बात की थी और मुझे ऐसा नहीं लगा था कि उनकी यह पारी पूरी होने वाली है। वह सिर्फ 77 के थे।' बेदी ने कहा, 'यह उन जैसी प्रतिभा के साथ अन्यायपूर्ण था कि प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनके नाम 750 विकेट थे, जिनमें से 637 विकेट उन्होंने सिर्फ रणजी ट्रोफी में हासिल किए थे। इसके बावजूद उन्हें कभी भी भारतीय टीम की कैप पहनने का मौका नहीं मिला। लेकिन गोयली (गोयल) को इसका कोई अफसोस नहीं था। वह हमेशा ही संतोषी स्वभाव के थे।' 73 वर्षीय बिशन सिंह बेदी ने कहा, 'लोग अब भी यही महसूस करते हैं कि मेरे होने के चलते वह भारतीय टीम में नहीं आ पाए क्योंकि हम दोनों ही लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स स्पिनर () थे। लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है। क्योंकि उन्होंने मुझसे पहले क्रिकेट शुरू किया था और मेरे बाद खत्म किया था।' भारत के लिए 67 टेस्ट मैच खेलने वाले इस पूर्व कप्तान ने कहा, 'जब मैंने अपना डेब्यू किया था, वह (राजिंदर गोयल) मुझसे कहीं अधिक बेहतर गेंदबाज थे। लेकिन मैं भाग्यशाली रहा, जिसे मौका मिला। यहां तक कि जब मुझे 1974-75 में वेस्ट इंडीज के खिलाफ टेस्ट से अनुशासनात्क कारण के चलते बाहर किया था, उन्होंने तब भी उन्हें नहीं खिलाया। अगर उन्होंने ऐसा किया होता तो शायद भारत वह मैच जीत गया होता। मुझे याद है जब हमने दलीप ट्रोफी में साउथ जोन को मद्रास में हराया था, गोयली ने विपक्षी टीम पर कहर बने थे।'


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