हिजाब न पहनने पर हुआ विवाद, ईरानी रेफरी ने कहा सुरक्षा मिलने की गारंटी पर ही लौटूंगी

प्रसाद. आरएस, चेन्नै चीन की जीएम जू वेनजुन और रूस की एलेक्सजेंड्रा गोरिआचकिना ने बीच खेली जा रही वुमेन वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप पर सारी दुनिया के शतरंज प्रेमियों की नजर है। इसके पीछे न सिर्फ इस प्रतियोगिता का स्तर बल्कि ईरानी रेफरी , जो इस मुकाबले में मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रही हैं, भी एक अहम वजह बन गई हैं। 32 वर्षीय शोहराह पहली बार किसी सीनियर मुकाबले में अधिकारी की भूमिका में है। शंघाई में पहले चरण के मुकाबले के दौरान एक तस्वीर में शोहराह बिना के नजर आ रही हैं। और यही विवाद की असली वजह है। ईरानी कानून के मुताबिक सभी महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर अपने सिर को हिजाब से ढंकना अनिवार्य है। तस्वीर में दिखाई दे रहा है कि बयात का स्कार्फ उनके कंधे पर ही था न कि सिर के ऊपर। बयात ने रूस के व्लादीवोस्तोक, जहां इस मुकाबले का दूसरा चरण आयोजित हो रहा है, से हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, 'ऐसा लग रहा है कि जैसे सिर को ढंका ही नहीं गया था, जबकि ऐसी कोई बात नहीं हैं। ईरान में मीडिया गलतबयानी कर रहा है कि मैंने महिलाओं के हिजाब पहनने के कानून के विरोध के रूप में ऐसा किया है।' ईरानी चेस फाउंडेशन ने उन पर माफी मांगने का दबाव डाला है, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे प्रकरण के बाद बयात ने हिजाब पहनना छोड़ दिया है। उन्होंने कहा, 'मैंने कभी इसे अपनी मर्जी से नहीं पहना। मैं जो हूं वही रहना चाहती हूं और मैंने इसे नहीं पहनने का फैसला किया है। लोगों को वही पहनना चाहिए जो वे चाहते हैं।' ईरान में महिलाओं का हिजाब न पहनना अपराध माना जाता है, इसमें गिरफ्तारी और पासपोर्ट को अवैध तक घोषित किया जा सकता है। बयान ने कहा कि अगर उन्हें सुरक्षा का आश्वासन नहीं मिलता है तो वह ईरान नहीं जाएंगी। उन्होंने कहा, 'ईरान में मेरा परिवार है और मैं वहां जरूर लौटना चाहूंगी। लेकिन अगर मुझे सुरक्षा का आश्वासन नहीं मिलता है तो मैं वापस नहीं जाऊंगी।' बयात ने कहा कि उन्होंने अभी अपने अगले कदम के बारे में विचार नहीं किया है। एशिया की इकलौती महिला ग्रेड ए की अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ बयात इस विवाद के चलते काफी तनाव में हैं। उन्होंने कहा, 'यह मैच मेरे करियर का सबसे बड़ा पल है। पिछले कुछ दिन काफी मुश्किलों वाले रहे हैं लेकिन मैं इस बारे में ज्यादा नहीं सोच रही और फिलहाल मेरा पूरा ध्यान मुकाबले पर है।'


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