देखें, जब 15 साल के विराट ने खुद को लिखी थी चिट्ठी

नई दिल्ली टीम इंडिया के कैप्टन आज अपना 31वां जन्मदिन मना रहे हैं। विराट के फैन्स और उनके दोस्त उन्हें जमकर बर्थडे विश कर रहे हैं। इस मौके पर विराट ने भी फैन्स को एक खास तोहफा दिया है। विराट कोहली ने अपना एक पुराना लेटर फैन्स के साथ शेयर किया है, जो उन्होंने 16 साल पहले खुद के लिए लिखा था। इस पत्र में विराट खुद के बात कर रहे हैं और अपनी आने वाली अचीवमेंट को लेकर खुद ही मार्गदर्शन भी तैयार कर रहे हैं। विराट ने बताया कि जब वह 15 साल के थे तब उन्होंने खुद को यह लेटर लिखा था। इस लेटर को पढ़कर यह साफ झलक रहा है कि उन्हें खुद के चैंपियन बनने का अहसास 15 साल की उम्र से ही था। अपने 31वें बर्थडे के मौके पर विराट ने एक अपने फैन्स से यह खास पत्र शेयर किया। इस चिट्ठी को शेयर करते हुए विराट ने ट्वीट के कैप्शन में लिखा, 'जब मैंने 15 साल की उम्र में मेरी जर्नी और जीवन के सबक को एक्सप्लेन किया था। वैसे, मैंने यह लिखने में अपना बेस्ट दिया था। एक बार आप भी इसे पढ़िए।' खुद को लिखे इस पत्र में नन्हे विराट लिखते हैं... हाय चीकू, सबसे पहले, जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं! मुझे पूरा विश्वास है कि तुम्हारे पास अपने भविष्य को लेकर मुझसे बहुत सारे सवाल हैं। मैं माफी चाहता हूं लेकिन मैं तुम्हें कई सारे सवालों के जवाब अभी नहीं दूंगा। क्योंकि जब यह नहीं पता होता कि आपके लिए भविष्य में क्या छिपा है तब हर सरप्राइज प्यारा लगता है, हर चुनौती रोमांच भरती है और हर निराशा एक सबक सिखाती है। तुम्हे आज इसका अहसास नहीं होगा लेकिन मंजिल से ज्यादा उसका सफर खास होता है। और यह यात्रा सुपर है! 15 साल के विराट खुद को आगे बताते हुए लिखते हैं, 'जो मैं तुम्हें बताऊंगा वह यह है कि तुम्हारे लिए जिंदगी ने कुछ बड़ा रखा हुआ है। लेकिन उसके लिए तुम्हे मिलने वाले हर अवसर के लिए तैयार रहना होगा। जब भी वह आए उसे हाथों-हाथ ले लेना। और उसे कभी मत लेना जो आसानी से मिल जाए। अगर ऐसा करोगे तो तुम भी फेल हो जाएगे जैसे हर कोई होता है। अपने आप से यह वादा करो कि तुम खबी भी उठना नहीं भूलोगे। और अगर पहली बार में तुम नहीं कर पाते हो तो दोबारा कोशिश करना।' तुम्हें कई लोग प्यार करेंगे। और कई तुम्हें पसंद भी नहीं करेंगे। कुछ ऐसे भी होंगे, जो तुम्हें जानते भी नहीं होंगे। उनकी चिंता बिल्कुल मत करना। अपने आप में विश्वास करते रहना! मैं जानता हूं कि तुम उन जूतों के बारे में सोच रहे हो, जिन्हें पापा ने आज तुम्हें गिफ्ट नहीं किया। इनका तब कोई मतलब नहीं रहेगा, जब तुम इसकी तुलना पापा की उस झप्पी से करोगे, जो उन्होंने आज तुम्हें दी और वह तुम्हारी लंबाई को लेकर जो जोक उन्होंने सुनाया वो। इससे ही मुस्कुराओ। मैं जानता हूं कि वह कभी-कभी सख्त दिखते हैं। लेकिन यह भी इसलिए क्योंकि वह तुम्हारे लिए कुछ बेहतर चाहते हैं। तुम सोचते हो की कभी-कभी हमारे पैरेंट्स हमें नहीं समझते हैं। लेकिन हमेशा यह याद रखना। सिर्फ हमारा ही परिवार है, जो हमें बिना किसी शर्त के खूब प्यार करता है। उन्हें तुम भी प्यार करो और सम्मान दो और उनके साथ इतना समय बिताओ जितना तुम बिता सकते हो। पापा को बताओ कि तुम उनसे प्यार करते हो। बहुत ज्यादा प्यार करते हो। उन्हें कल यह बताना। उन्हें अक्सर यह बताना। अंत में यह कहूंगा अपने दिल की सुनो, अपने सपनों के लिए दौड़ो, हमेशा दयालु रहो और दुनिया को यह दिखाओ कि कैसे बड़े सपने देखने से कैसे अंतर बनता है। जो हो वही रहना। और...उन पराठों के बारे में भी सोचो जरा बडी! आने वाले सालों में वह एक लग्जरी बन जाएंगे। अपना हर दिन सुपर बनाओ!विराट


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